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संसार में 5 मुखी रुद्राक्ष को कालाग्नि का रूप कहा गया है। इस रुद्राक्ष पर पांच देवी-देवताओं की कृपा बरसती है और इस वजह से ये रुद्राक्ष बहुत खास माना जाता है। इस रुद्राक्ष को धारण करने से मनुष्य के बुरे कर्मों का अंत होता है। 5 मुखी रुद्राक्ष पर भगवान शिव, विष्णु, गणेश जी, सूर्य देव और मां दुर्गा की कृपा रहती है।स्वामी ग्रहबृहस्पतिईष्ट देवताका..
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दरिद्रता से हैं परेशान, तो धारण करे दैवीय गुणों से भरपूर सात मुखी रुद्राक्षछात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए दैवीय उपहार स्वरुप हैं 4 मुखी रुद्राक्ष पेंडेंट, जानिए इसके फायदेवैसे तो रुद्राक्ष कई प्रकार के होते है, तथा उनका अपना महत्व होता है। पर क्या आप जानते है, रुद्राक्षों में सात मुखी रुद्राक्ष होता है जो अपने आप में बहुत ही विशेष और प्रभावशाली रु..
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2 मुखी रुद्राक्ष लाभ ( 2 Mukhi Rudraksha Benefits)2 मुखी रुद्राक्ष को भगवान शिव और देवी पार्वती का संयुक्त रूप माना जाता है। इसके किनारों पर दो प्राकृतिक रेखाएँ हैं। प्राचीन पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान ब्रह्मा ने दोनों देवताओं को इतना करीब आने का आशीर्वाद दिया कि वे एक-दूसरे में पिघल गए। चूंकि रुद्राक्ष भगवान शिव के बहुत करीब है, इसलिए इसे भगवान..
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Garbh Gauri Rudraksha: नि:संतान दंपतियों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं 'गर्भ गौरी रुद्राक्ष'रूद्राक्ष भगवान शिव को अतिप्रिय है। यह शिव के नेत्रों से गिरी अश्रु की बूंदों से उत्पन्न् हुआ है इसलिए सर्वत्र पूजनीय और पवित्र है। रूद्राक्ष अनेक मुखों वाले पाए जाते हैं और कुछ विशिष्ट प्रकार के होते हैं। उन्हीं विशिष्ट रूद्राक्षों में से एक है गर्भ गौरी ..
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गौरीशंकर (Gauri Shankar ) रुद्राक्ष क्या है, रुद्राक्ष की उत्पत्ति, इसके शक्तिशाली फायदे और इसे धारण करने की विधि ?आज हम बात करेंगे, गौरीशंकर रुद्राक्ष क्या है (gauri shankar rudraksha benefits in hindi), इसके अत्यंत लाभकारी फायदे और इसे धारण कैसे करें ?Garbh Gauri Rudraksha: नि:संतान दंपतियों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं 'गर्भ गौरी रुद्राक्ष'रु..
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एकमुखी रुद्राक्ष के लाभ जानकार आप हो जायेंगे हैरान गोलाकार और अर्ध चन्द्र जैसा दिखने वाला एकमुखी रुद्राक्ष बहुत ही पवित्र माना जाता है। हालाँकि गोलाकार एक मुखी रुद्राक्ष मिलना बहुत ही दुर्लभ है बाजार में जो गोलाकार एक मुखी रुद्राक्ष मिल रहा है वो सब नकली है। लेकिन आस्था के नाम पर सब कुछ बेचा जा रहा है। एकमुखी रुद्राक्ष शक्ति, ऊर्जा, सत्य और मोक्ष ..
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बंद आय के स्रोत तुरंत खुलवाने और भाग्योदय के लिए शीघ्र ही धारण करें, ग्यारह मुखी रुद्राक्ष ||भगवान शिव का रुद्र रूप है ग्यारह मुखी रुद्राक्ष। ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को एकादशी रूद्र भी कहा जाता हैं क्योंकि हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए इस रुद्राक्ष धारण किया जाता है, इसमें हनुमान जी की गुणवत्ता, ध्यान, आशीर्वाद और समर्पण पाया जाता हैं। ग्यारह मुख..
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पेट की बीमारियों से निजात पाने के लिए धारण करें तीन मुखी रुद्राक्ष, जानिए इसके बेमिसाल फायदेएकमुखी रुद्राक्ष के लाभ जानकार आप हो जायेंगे हैरानतीन मुखी रुद्राक्ष त्रिशक्तियों का प्रतिनिधित्व करता है। तीन मुखी रुद्राक्ष, नाम से ही प्रतीत होता है कि इसमें तीन देवताओं का वास है, ब्रह्मा, विष्णु और महेश को त्रिशक्ति के रूप में पूजा जाता है, तीन मुखी रुद..
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छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए दैवीय उपहार स्वरुप हैं 4 मुखी रुद्राक्ष पेंडेंट, जानिए इसके फायदेचार मुखी रुद्राक्ष को चतुर्मुखी रुद्राक्ष भी कहा जाता हैं। चार मुखी रुद्राक्ष की सतह पर चार धारियाँ अर्थात चार मुख होते हैं। इस रुद्राक्ष के अधिपति देवता भगवान ब्रह्मा हैं, जो ब्रह्मांड के निर्माता होने के साथ-साथ ज्ञान और रचनात्मकता के दाता हैं। इस रुद..
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1 se 21 Mukhi Rudraksh benefits रुद्राक्ष क्या है?रुद्राक्ष दो शब्दों से मिलकर बना है रुद्र और अक्ष। रुद्र का अर्थ है जो रोता है जबकि अक्ष में ए (अ) का अर्थ है प्राप्त करना और केश (क्ष) का अर्थ देना है। संक्षेप में, हम कह सकते हैं कि पवित्र बीज का अर्थ वह है जो हमें स्वास्थ्य, खुशी देता है और बुराइयों को दूर करने में मदद करता है। यह नेपाल, इंडोनेश..
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14 मुखी रुद्राक्ष के फायदे और धारण करने की विधि |14 मुखी: इच्छाशक्ति में वृद्धि, मन का संतुलन, शक्ति व साहस, उत्कृष्टता, जीत और सफलता का प्रतीक हैशासक भगवान:- हनुमान जी शासक ग्रह:- मंगलमंत्र:- ॐ नमः शिवाय ||14 मुखी रुद्राक्ष विभिन्न किस्मों में पाया जाता है, ये सभी किस्म काफी अच्छी होती है लेकिन रुद्राक्ष की सबसे अच्छी, प्रामाणिक और उत्तम किस्म..
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कुंडली के बिना रत्न कैसे चुनें? सुरक्षित और असरदार तरीके भारत में रत्न पहनने की परंपरा बहुत पुरानी है।
लेकिन आज के समय में एक बड़ी समस्या यह है कि हर व्यक्ति के पास कुंडली नहीं होती,
या फिर वह तुरंत कुंडली नहीं बनवा पाता।ऐसे में सबसे आम सवाल होता है:
“क्या बिना कुंडली रत्न पहन सकते हैं?”
“अगर हाँ, तो कौन-सा रत्न सुरक्षित होता है?”
इस लेख में आपको म..