पाप कर्तरी योग में एक ग्रह दो malefics के बीच फंस जाता है। जानें इसके प्रभाव और रत्न से इसका निवारण कैसे करें।
गंडांत दोष जल और अग्नि राशियों के जोड़ पर जन्म से बनता है। 3 गंडांत बिंदु हैं — मीन-मेष, कर्क-सिंह, वृश्चिक-धनु। जानें र...
पितृ दोष के 5 मुख्य प्रकार होते हैं। हर प्रकार का अलग प्रभाव और अलग रत्न उपाय है। जानें कौन सा पितृ दोष आपकी कुंडली में ...
काल सर्प दोष के 12 प्रकार होते हैं — अनंत, कुलिक, वासुकी आदि। जानें हर प्रकार का प्रभाव और कौन सा रत्न उपयुक्त है।
दरिद्र योग में धन नहीं टिकता और financial problems बनी रहती हैं। जानें कौन से रत्न financial situation सुधारते हैं।
नाड़ी दोष विवाह में सबसे गंभीर दोष माना जाता है। जानें नाड़ी दोष क्या है, इसके प्रकार और रत्न से निवारण के उपाय।
शनि की ढैय्या 2.5 साल और साढ़ेसाती 7.5 साल होती है। दोनों में अलग उपाय और रत्न हैं। जानें complete comparison।
ग्रहण योग कुंडली में सूर्य या चंद्र के राहु-केतु से पीड़ित होने पर बनता है। जानें माणिक और मोती से इसका उपाय।
विष योग शनि और चंद्रमा के conjunction से बनता है। यह depression और emotional hardship का कारण है। जानें मोती और नीलम से ...
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