हर साल आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है। 2026 में यह 10 जुलाई को है।
यह दिन सिर्फ गुरु को प्रणाम करने का नहीं — यह दिन है बृहस्पति ग्रह की अद्भुत शक्ति को अपने जीवन में उतारने का।
बृहस्पति — जिसे गुरु ग्रह भी कहते हैं — ज्ञान, विद्या, संतान, भाग्य और समृद्धि का कारक है। गुरु पूर्णिमा के दिन इस ग्रह की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है।
गुरु पूर्णिमा और बृहस्पति ग्रह का संबंध
गुरु पूर्णिमा महर्षि वेद व्यास की जयंती है — जिन्होंने महाभारत और पुराणों की रचना की। वे ज्ञान के सर्वोच्च प्रतीक हैं।
ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह इन चीजों का कारक है: - ज्ञान और शिक्षा — विद्या प्राप्ति - संतान सुख — पुत्र-पुत्री का सुख - भाग्य और धर्म — नवम भाव का स्वामी - गुरु और पूजा-पाठ — आध्यात्मिक उन्नति - धन और समृद्धि — व्यापार में सफलता
जब बृहस्पति कुंडली में कमजोर हो, तो इन सभी क्षेत्रों में कमी आती है।
गुरु पूर्णिमा पर पुखराज क्यों पहनें?
पुखराज (Yellow Sapphire) बृहस्पति का रत्न है।
गुरु पूर्णिमा के दिन बृहस्पति की ऊर्जा सबसे तीव्र होती है। इस दिन पुखराज धारण करने से:
- बृहस्पति की कृपा विशेष रूप से प्राप्त होती है
- शिक्षा और करियर में नई राह खुलती है
- विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं
- संतान सुख की प्राप्ति में मदद
- भाग्य में वृद्धि होती है
किसे पहनना चाहिए:
- धनु और मीन लग्न वाले — बिना किसी संशय के
- जिनके बच्चे की पढ़ाई में मन न लगे
- जिनका विवाह न हो रहा हो
- जो उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हों
कुंडली देखकर पहनें
पुखराज पहनने से पहले ज्योतिषी से जरूर पूछें — क्योंकि हर किसी के लिए पुखराज उपयुक्त नहीं होता।
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गुरु पूर्णिमा पर रुद्राक्ष का महत्व
रुद्राक्ष भी बृहस्पति से जुड़ा है। गुरु पूर्णिमा पर रुद्राक्ष धारण करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
विशेष रूप से: - 5 मुखी रुद्राक्ष — बृहस्पति का प्रतीक - गौरी शंकर रुद्राक्ष — गुरु और शिव की संयुक्त शक्ति
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गुरु पूर्णिमा 2026 — क्या करें इस दिन
सुबह:
- जल्दी उठकर स्नान करें
- पीले वस्त्र पहनें — बृहस्पति का रंग पीला है
- अपने गुरु का ध्यान करें और उनका आशीर्वाद लें
पूजा:
- केले के पेड़ की पूजा करें — बृहस्पति का वृक्ष
- बृहस्पति मंत्र 108 बार जपें:
"ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः"
- पीले फूल, पीली मिठाई चढ़ाएं
दान:
- पीली वस्तुएं दान करें — हल्दी, चना दाल, पीले कपड़े
- ब्राह्मणों को भोजन कराएं
- गरीब बच्चों को किताबें दान करें
रत्न धारण:
- इस दिन पुखराज पहनना हो तो गुरुवार की सुबह पहनें
- नए रुद्राक्ष को अभिमंत्रित करके पहनें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: क्या गुरु पूर्णिमा पर पुखराज पहनना जरूरी है?
जरूरी नहीं, लेकिन इस दिन की ऊर्जा बृहस्पति के लिए सबसे अनुकूल होती है। कुंडली अनुकूल हो तो इस दिन पहनना विशेष शुभ है।
प्रश्न 2: क्या बिना कुंडली देखे पुखराज पहन सकते हैं?
नहीं। हमेशा ज्योतिषी से परामर्श लें।
प्रश्न 3: गुरु पूर्णिमा 2026 कब है?
10 जुलाई 2026।
निष्कर्ष
गुरु पूर्णिमा सिर्फ एक त्योहार नहीं — यह बृहस्पति की असीम शक्ति को अपने जीवन में उतारने का अवसर है। इस दिन सही रत्न और सही उपाय से जीवन में ज्ञान, भाग्य और समृद्धि का नया द्वार खुल सकता है।
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