रुद्राक्ष खरीद लिया — अब सीधे पहन लें? नहीं।
रुद्राक्ष को सिद्ध करना जरूरी है। सिद्धि का मतलब है — रुद्राक्ष को शुद्ध करना और उसे अपने इष्ट देव से जोड़ना। बिना सिद्धि के रुद्राक्ष साधारण बीज की तरह है।
सिद्धि से पहले — शुद्धिकरण
- रुद्राक्ष को 24 घंटे कच्चे दूध में रखें।
- फिर गंगाजल से धोएं।
- साफ कपड़े से पोंछें।
- तिल के तेल से हल्के से साफ करें।
सिद्धि विधि — हर मुखी के लिए
| रुद्राक्ष | देवता | मंत्र | दिन |
|---|---|---|---|
| 1 मुखी | भगवान शिव | ॐ नमः शिवाय | सोमवार |
| 2 मुखी | अर्धनारीश्वर | ॐ नमः | सोमवार |
| 3 मुखी | अग्नि देव | ॐ क्लीं नमः | मंगलवार |
| 4 मुखी | ब्रह्मा जी | ॐ ह्रीं नमः | बुधवार |
| 5 मुखी | पंचशिव | ॐ नमः | गुरुवार |
| 6 मुखी | कार्तिकेय | ॐ ह्रीं ह्रूं नमः | शुक्रवार |
| 7 मुखी | माँ लक्ष्मी | ॐ हुं नमः | शुक्रवार |
| 8 मुखी | गणेश जी | ॐ गं नमः | बुधवार |
सिद्धि की पूरी विधि
- सुबह स्नान करें।
- पूजा स्थान पर शुद्ध रुद्राक्ष रखें।
- घी का दीपक जलाएं।
- भगवान शिव को बेलपत्र और जल चढ़ाएं।
- रुद्राक्ष को हाथ में लेकर संबंधित मंत्र 108 बार जपें।
- शिव जी से प्रार्थना करें।
- उसी दिन पहन लें।
निष्कर्ष
सिद्धि के बाद रुद्राक्ष का असर कई गुना बढ़ जाता है। Gemshub से खरीदे रुद्राक्ष के साथ सिद्धि विधि की जानकारी दी जाती है।