रुद्राक्ष पहनना शुरू किया। लेकिन क्या पहनते वक्त या बाद में कोई नियम हैं?
हाँ — रुद्राक्ष एक पवित्र वस्तु है। इसे पहनने के साथ कुछ नियमों का पालन जरूरी है।
रुद्राक्ष पहनने के नियम
| क्या करें | क्या न करें |
|---|---|
| रोज स्नान के बाद पहनें | बिना स्नान रुद्राक्ष न छुएं (सुबह) |
| रोज मंत्र जाप करें | मांसाहार के दिन न पहनें |
| सोते वक्त भी पहने रहें | शमशान या अशुद्ध स्थान पर उतारें |
| हर सोमवार तेल लगाएं | नशे में न पहनें |
| टूट जाए तो बदल लें | दूसरे का रुद्राक्ष न पहनें |
| पवित्र धागे में पहनें | अंत्येष्टि में पहनकर न जाएं |
महिलाओं के लिए नियम
- महिलाएं रुद्राक्ष पहन सकती हैं — कोई रोक नहीं।
- मासिक धर्म के दौरान उतारकर रख सकती हैं — यह optional है।
- Pregnant महिलाएं गौरीशंकर रुद्राक्ष पहन सकती हैं।
रुद्राक्ष की देखभाल
- हर सोमवार: तिल या सरसों के तेल से polish करें।
- साफ पानी से धोएं — soap नहीं।
- टूट जाए या दरार आए — नया ले लें।
- रात को पूजा स्थान के पास रखें।
5 मुखी रुद्राक्ष माला के नियम
- 108 + 1 दाने की माला — 1 extra दाना "मेरु" होता है।
- सोमवार को माला पहनना शुरू करें।
- माला के मेरु दाने को touch करके जाप शुरू करें।
- माला को जमीन पर न रखें।
निष्कर्ष
रुद्राक्ष के नियमों का पालन करने से उसका फल कई गुना बढ़ता है। Gemshub पर Certified Rudraksha के साथ care guide मिलती है।