रोहिणी — चंद्रमा की प्रिय पत्नी। 27 नक्षत्रों में चंद्रमा का सबसे अधिक समय रोहिणी में बीतता है — क्योंकि वो यहाँ सबसे ज्यादा comfortable महसूस करते हैं। वृषभ राशि के 10° से 23°20' तक। रोहिणी नक्षत्र में जन्मे लोगों को प्रकृति, सुंदरता और भौतिक सुखों से विशेष प्रेम होता है।
रोहिणी नक्षत्र — परिचय
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| राशि | वृषभ 10° – 23°20' |
| नक्षत्र स्वामी | चंद्र (Moon) |
| राशि स्वामी | शुक्र (Venus) |
| देवता | ब्रह्मा (सृष्टिकर्ता) |
| प्रतीक | गाड़ी / रथ |
| गण | मनुष्य गण |
रोहिणी और चंद्रमा का विशेष संबंध
पुराणों में कथा है — चंद्रमा के 27 पत्नियाँ थीं (27 नक्षत्र), लेकिन वो सबसे ज्यादा रोहिणी से प्रेम करते थे। दक्ष प्रजापति (रोहिणी के पिता) ने इससे नाराज होकर चंद्रमा को श्राप दिया था। इसीलिए चंद्रमा घटते-बढ़ते हैं।
यह mythology बताती है कि रोहिणी में कुछ ऐसा है जो irresistible है — एक magnetic quality।
रोहिणी जातकों की विशेषताएं
- अत्यंत आकर्षक व्यक्तित्व: लोग इनकी ओर naturally खिंचते हैं
- Material comforts प्रिय: अच्छा खाना, अच्छे कपड़े, सुंदर घर — इन्हें सब कुछ best चाहिए
- कलाप्रेमी: संगीत, कला, साहित्य में गहरी रुचि
- Possessive: जिसे प्यार करते हैं उसे कसकर पकड़ते हैं — jealous भी हो सकते हैं
- Fertile mind: नए विचारों को जन्म देने की असाधारण क्षमता
- Fixed: एक बार जो ठान लिया, नहीं छोड़ते
रोहिणी नक्षत्र का रत्न — मोती (Pearl)
दो कारणों से मोती रोहिणी का primary रत्न है:
1. नक्षत्र स्वामी चंद्र: चंद्रमा का रत्न मोती है। रोहिणी चंद्रमा की प्रिय नक्षत्र है — इसलिए यहाँ मोती और भी ज्यादा प्रभावी है।
2. राशि स्वामी शुक्र: वृषभ राशि में स्थित रोहिणी में शुक्र की ऊर्जा भी है। मोती चंद्र की ऊर्जा बढ़ाता है जो शुक्र के साथ मिलकर extraordinary abundance देती है।
रोहिणी जातकों को मोती से मिलता है:
- उनकी natural charisma और magnetism और बढ़ती है
- Creative projects में असाधारण सफलता
- Financial abundance — जो इन्हें materialistic comforts के लिए चाहिए
- Emotional stability — इनकी possessiveness को control करने में सहायता
- Mother, children और family के साथ relationships बेहतर होते हैं
ओपल — शुक्र ऊर्जा के लिए
वृषभ राशि का शुक्र प्रभाव भी मजबूत है। जो रोहिणी जातक arts, fashion, food, or beauty industry में हैं — उनके लिए ओपल बहुत helpful है।
एक fashion designer का अनुभव
Delhi की नंदिता मेहरोत्रा (33 वर्ष, रोहिणी नक्षत्र) — एक budding fashion designer। उनके designs beautiful होते हैं लेकिन commercial success नहीं मिल रही थी।
कुंडली में चंद्र सप्तम भाव में था — public recognition का potential था। हमने 6 रत्ती South Sea Pearl, चांदी में सुझाया। एक साल में उनका brand Instagram पर viral हो गया। आज उनके पास waiting list है।
पहनने की विधि
- दिन: सोमवार
- धातु: चांदी
- अंगुली: दाएं हाथ की कनिष्ठा
- वजन: 5-7 रत्ती
- मंत्र: "ॐ सों सोमाय नमः"
FAQ
रोहिणी में ब्रह्मा (creator) का आशीर्वाद है, चंद्रमा का विशेष प्रेम है, और वृषभ जैसी stable राशि में है। यह सभी मिलकर एक naturally abundant और fertile नक्षत्र बनाते हैं। इसीलिए बड़े काम — गृहप्रवेश, विवाह, नया व्यवसाय — रोहिणी नक्षत्र में शुरू करना शुभ माना जाता है।
नहीं — Lord Krishna का जन्म रोहिणी नहीं, Rohini नाम की उनकी माँ का नाम जरूर था। जन्माष्टमी पर चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में होता है — और उसी दिन Krishna जयंती मनाई जाती है। इसीलिए इस नक्षत्र की विशेष धार्मिक महत्ता है।
Certified मोती — रोहिणी नक्षत्र के लिए
South Sea और Freshwater Pearl — Lab Certified। Gemshub International।
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