नवरात्रि — माँ दुर्गा के नौ रूपों की उपासना के नौ दिन। यह वर्ष का सबसे शक्तिशाली आध्यात्मिक period है।
ज्योतिष में नवरात्रि के दौरान रत्न धारण करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दौरान ग्रह-ऊर्जा बहुत सक्रिय होती है और रत्न का असर कई गुना बढ़ जाता है।
नवरात्रि 2026 की तिथियाँ
| नवरात्रि | तिथि 2026 | विशेषता |
|---|---|---|
| चैत्र नवरात्रि | मार्च-अप्रैल 2026 | रत्न धारण के लिए शुभ |
| शारदीय नवरात्रि | अक्टूबर 2026 | सर्वश्रेष्ठ — सबसे शक्तिशाली |
नौ देवियाँ और नौ रत्न
| दिन | देवी | रंग | रत्न |
|---|---|---|---|
| प्रथम | शैलपुत्री | लाल | माणिक / मूंगा |
| द्वितीय | ब्रह्मचारिणी | नीला | नीलम / Blue Sapphire |
| तृतीय | चंद्रघंटा | पीला | पुखराज |
| चतुर्थ | कूष्मांडा | हरा | पन्ना |
| पंचम | स्कंदमाता | सफेद | मोती / White Sapphire |
| षष्ठ | कात्यायनी | नारंगी | गोमेद |
| सप्तम | कालरात्रि | काला/बैंगनी | लहसुनिया / नीलम |
| अष्टम | महागौरी | गुलाबी | Rose Quartz / हीरा |
| नवम | सिद्धिदात्री | आसमानी | स्फटिक / Amethyst |
रत्न धारण का शुभ मुहूर्त
नवरात्रि में रत्न धारण के लिए प्रतिपदा (पहला दिन) सबसे शुभ है। सूर्योदय से 2 घंटे के भीतर, स्नान करके, पूजा करके पहनें।
अगर प्रतिपदा पर नहीं हो सका — तो किसी भी शुभ नवरात्रि दिन पर पहन सकते हैं।
नवरात्रि उपाय
- नौ दिन रोज माँ दुर्गा का पाठ करें।
- जो रत्न पहनना है — उसे नवरात्रि से पहले खरीद लें।
- दुर्गा सप्तशती का पाठ — विशेष फलदायी।
- रोज अपने रत्न का मंत्र 108 बार जपें।
10 किलो = 1 रत्ती — नवरात्रि में भी यही नियम
रत्ती का नियम नहीं बदलता। Ashish Jain जी से कुंडली देखाकर सही रत्न और रत्ती जानें।
निष्कर्ष
नवरात्रि — रत्न धारण का सबसे शुभ समय। इस अवसर का लाभ उठाएं। Gemshub पर सभी Certified रत्न उपलब्ध हैं।