उपाय 1 — लाल मूंगा धारण करें
लाल मूंगा (Red Coral) मंगल का मुख्य रत्न है। कम से कम 6 रत्ती का Certified Natural Coral, सोने या तांबे की अंगूठी में, अनामिका उंगली में, मंगलवार सूर्योदय के बाद धारण करें।
उपाय 2 — हनुमान जी की पूजा
मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा करें। हनुमान चालीसा का पाठ करें। लाल फूल, लाल सिंदूर, चोला (नारंगी-लाल कपड़ा) चढ़ाएं। हनुमान जी मंगल ग्रह के देवता माने जाते हैं।
उपाय 3 — मंगल मंत्र जपें
मंगल के मंत्र
- बीज मंत्र: ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः — 108 बार
- मंगल गायत्री: ॐ अंगारकाय विद्महे शक्तिहस्ताय धीमहि...
- हनुमान जी मंत्र: ॐ हनुमते नमः — 108 बार
उपाय 4 — मंगलवार का व्रत
मंगलवार को व्रत रखें। नमक कम खाएं। मसूर दाल, लाल वस्तुएं और गुड़ का दान करें। लाल कपड़े पहनें।
उपाय 5 — भाई की सेवा
मंगल भाई का कारक है। भाइयों से अच्छे संबंध रखें, उनकी सहायता करें — यह मंगल को सीधे बल देता है।
उपाय 6 — व्यायाम और शारीरिक गतिविधि
मंगल को शारीरिक ऊर्जा पसंद है। नियमित व्यायाम, योग, दौड़ करें। मार्शल आर्ट्स, कुश्ती — ये मंगल की ऊर्जा को channelize करते हैं।
उपाय 7 — तांबे का उपयोग
तांबे के बर्तन में पानी पिएं। तांबे का कड़ा पहनें। तांबा मंगल का धातु है।
उपाय 8 — मंगली दोष शांति
मंगली दोष के विशेष उपाय
- मंगलनाथ मंदिर (उज्जैन) में पूजा करवाएं।
- मंगल शांति हवन करवाएं।
- विवाह से पहले "कुंभ विवाह" या "वट विवाह" करवाएं।
- लाल मूंगा अनिवार्य रूप से पहनें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
लाल मूंगा धारण और हनुमान जी की नियमित पूजा — ये दोनों मंगली दोष में सबसे ज्यादा असरदार।
हाँ, महिलाएं भी लाल मूंगा पहन सकती हैं — विशेषकर मंगली दोष में।
कम से कम 43 दिन (मंगल की संख्या) नियमित करें।
नियमित हनुमान पूजा 40 दिन में असर दिखाती है।