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मांगलिक दोष क्या है, कैसे जानें और निवारण के 11 असरदार उपाय

Gemshub Team 31 May 2026 31 views 1 min read
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शादी की बात चल रही थी। लड़की अच्छी थी, घर वाले राजी थे, सब कुछ ठीक था। लेकिन जब पत्रिका मिलाने गए तो पंडित जी ने कहा — "लड़की मांगलिक है। शादी नहीं होगी।"

और सब कुछ रुक गया।

यह कहानी सिर्फ एक घर की नहीं — हर साल लाखों भारतीय परिवारों में ऐसा होता है। मांगलिक दोष का नाम सुनकर लोग इतने डर जाते हैं जैसे जीवन खत्म हो गया।

लेकिन सच यह है कि मांगलिक दोष उतना भयानक नहीं है जितना लोग समझते हैं।

25 साल के ज्योतिषीय अनुभव में मैंने देखा है कि कई मांगलिक लोगों की शादी अमांगलिक से हुई और जीवन सुखी रहा। और कई अमांगलिक लोगों की शादी में बड़ी समस्याएं आईं।

इस लेख में मैं आपको मांगलिक दोष की पूरी सच्चाई बताऊंगा — बिना किसी अतिरंजना के। साथ ही बताऊंगा कि अगर सच में दोष है तो उसका असरदार निवारण कैसे करें।


मांगलिक दोष क्या होता है?

मांगलिक दोष — जिसे कुज दोष या भौम दोष भी कहते हैं — तब बनता है जब जन्म कुंडली में मंगल ग्रह कुछ विशेष भावों में स्थित हो।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब मंगल इन 5 भावों में से किसी एक में हो:

  • प्रथम भाव (लग्न) — स्वयं का भाव
  • चतुर्थ भाव — सुख और घर का भाव
  • सप्तम भाव — विवाह और जीवनसाथी का भाव
  • अष्टम भाव — आयु और रहस्य का भाव
  • द्वादश भाव — व्यय और मोक्ष का भाव

...तो उस व्यक्ति की कुंडली में मांगलिक दोष माना जाता है।

कुछ ज्योतिषी दूसरे भाव को भी इसमें शामिल करते हैं। इसलिए कभी-कभी 6 भावों की भी बात होती है।

मांगलिक दोष क्यों होता है नुकसानदायक?

मंगल — जो साहस, ऊर्जा और तेज का ग्रह है — जब विवाह (सप्तम भाव) या आयु (अष्टम भाव) से संबंधित स्थानों पर बैठता है, तो वह अपनी तीव्रता वहाँ डालता है।

इससे: - विवाह में देरी हो सकती है - जीवनसाथी से मनमुटाव रहता है - वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं - कुछ चरम मामलों में जीवनसाथी को कष्ट

लेकिन — और यह बहुत जरूरी है — यह सब तभी होता है जब दोष की सही परख हो और कोई निवारण न किया गया हो।


मांगलिक दोष की पहचान — क्या आप मांगलिक हैं?

अपनी जन्म कुंडली देखें। मंगल ग्रह (जिसे "Ma" या "मं" से दर्शाया जाता है) किस भाव में है?

मंगल का भाव मांगलिक दोष
1st (लग्न) हाँ
2nd (धन भाव) कुछ मत में हाँ
4th (सुख भाव) हाँ
7th (विवाह भाव) हाँ — सबसे तीव्र
8th (आयु भाव) हाँ
12th (व्यय भाव) हाँ

अगर इनमें से किसी भाव में मंगल है तो आप मांगलिक हैं।

कितने लोग मांगलिक होते हैं?

आँकड़े बताते हैं कि लगभग 50% लोग किसी न किसी रूप में मांगलिक होते हैं। यानी यह कोई दुर्लभ या असाधारण दोष नहीं है।


मांगलिक दोष कब कमजोर या रद्द हो जाता है?

यह बहुत जरूरी जानकारी है जो ज्यादातर लोगों को नहीं पता।

1. राशि के कारण दोष रद्द

अगर मंगल अपनी उच्च राशि (मकर) में हो या स्वराशि (मेष या वृश्चिक) में हो, तो दोष का प्रभाव बहुत कम हो जाता है।

2. मंगल पर शुभ दृष्टि

अगर मंगल पर बृहस्पति की दृष्टि हो, तो दोष काफी हद तक निष्प्रभावी हो जाता है।

3. उम्र के साथ दोष कमजोर

ज्योतिष के अनुसार 28 वर्ष की आयु के बाद मंगल दोष का प्रभाव अपने आप कम होने लगता है। कई ज्योतिषी 28 साल के बाद मांगलिक दोष को कम गंभीर मानते हैं।

4. दोनों मांगलिक हों

अगर वर और वधू दोनों मांगलिक हों, तो दोष आपस में कट जाते हैं और विवाह शुभ माना जाता है।

5. नवमांश में मंगल की स्थिति

नवमांश कुंडली में मंगल की स्थिति देखकर दोष की तीव्रता कम या ज्यादा मानी जाती है।

6. अन्य ग्रहों का प्रभाव

कुंडली में शुक्र और बृहस्पति मजबूत हों तो मांगलिक दोष का असर कम होता है।


मांगलिक दोष के लक्षण — कैसे पहचानें?

जीवन में ये संकेत मांगलिक दोष के हो सकते हैं:

  • विवाह में बार-बार देरी — रिश्ते आते हैं पर तय नहीं होते
  • जीवनसाथी से बार-बार झगड़े — छोटी-छोटी बात पर तकरार
  • क्रोध पर नियंत्रण नहीं — बहुत जल्दी गुस्सा आना
  • दुर्घटना या चोट का सिलसिला — खासकर सिर या रक्त संबंधी
  • भाई-बहनों से विवाद
  • जमीन-जायदाद के मामलों में अड़चन

मांगलिक दोष निवारण के 11 असरदार उपाय

अब आते हैं सबसे जरूरी हिस्से पर — दोष का निवारण।

1. मांगलिक से मांगलिक का विवाह

सबसे आसान और प्रभावी उपाय। अगर दोनों मांगलिक हों तो दोष कट जाता है। विवाह से पहले कुंडली मिलाते समय यह जरूर देखें।

2. कुंभ विवाह (पहले पेड़ या मूर्ति से विवाह)

यह एक पारंपरिक उपाय है जिसमें मांगलिक व्यक्ति का पहले पीपल के पेड़, केले के पेड़ या विष्णु जी की मूर्ति से प्रतीकात्मक विवाह कराया जाता है। इससे मंगल का दोष उस "पहले विवाह" पर लग जाता है।

3. हर मंगलवार व्रत और हनुमान पूजा

हनुमान जी मंगल ग्रह के देवता हैं। हर मंगलवार: - सुबह जल्दी उठकर स्नान करें - हनुमान जी को सिंदूर, तेल और लाल फूल चढ़ाएं - हनुमान चालीसा का पाठ करें - सुंदरकांड का पाठ और भी शुभ

यह उपाय सबसे सरल और सबसे असरदार है।

4. मंगल का मंत्र जप

हर दिन या मंगलवार को मंगल के मंत्र का 108 बार जप करें:

"ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः"

या

"ॐ अं अंगारकाय नमः"

5. मूंगा रत्न धारण करें

मंगल का रत्न मूंगा (Red Coral) है। सही कुंडली देखकर यदि मूंगा उचित हो तो पहनने से मंगल मजबूत होता है और उसकी नकारात्मक ऊर्जा सकारात्मक होती है।

ध्यान रखें: मूंगा पहनने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से पूछें क्योंकि हर मांगलिक के लिए मूंगा उपयुक्त नहीं होता।

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6. मंगलवार को लाल वस्तुएं दान करें

हर मंगलवार लाल रंग की वस्तुएं दान करें: - लाल मसूर की दाल - लाल कपड़ा - तांबे का बर्तन - गुड़

गरीबों या ब्राह्मणों को दान करने से मंगल का क्रोध शांत होता है।

7. मंगलनाथ मंदिर में पूजा

उज्जैन (मध्य प्रदेश) में स्थित मंगलनाथ मंदिर मंगल दोष निवारण के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहाँ की गई पूजा बहुत प्रभावी मानी जाती है। यदि संभव हो तो एक बार जरूर जाएं।

8. गायत्री मंत्र और सूर्य नमस्कार

सूर्य मंगल का मित्र ग्रह है। हर सुबह: - उगते सूरज को जल अर्पण करें - गायत्री मंत्र का जप करें - सूर्य नमस्कार करें

इससे सूर्य की शक्ति बढ़ती है जो मंगल को अनुकूल करती है।

9. नवग्रह शांति पूजा

किसी योग्य पंडित से मंगल शांति पूजा या नवग्रह शांति पूजा करवाएं। यह पूजा किसी मंगल मंदिर या शिव मंदिर में करवाई जा सकती है।

10. लाल किताब के उपाय

लाल किताब के अनुसार: - मसूर की दाल बहते पानी में प्रवाहित करें — हर मंगलवार - मीठी रोटी कुत्ते को खिलाएं - तांबे का टुकड़ा बहते पानी में डालें

11. शिव पूजा और रुद्राभिषेक

भगवान शिव मंगल के अधिपति देवता हैं। हर सोमवार और मंगलवार शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र चढ़ाएं। रुद्राभिषेक कराना और भी प्रभावी है।


मांगलिक दोष और विवाह — क्या ध्यान रखें?

जरूरी बातें:

  1. कुंडली मिलान जरूरी है — सिर्फ मांगलिक-अमांगलिक देखना काफी नहीं, पूरी कुंडली मिलाएं

  2. दोनों की कुंडली देखें — कभी-कभी लड़के की कुंडली में भी छिपा दोष होता है

  3. एक ज्योतिषी की बात पर निर्भर न रहें — दो-तीन जानकार ज्योतिषियों से राय लें

  4. दोष का निवारण करें पहले — विवाह से पहले उपाय करें

  5. घबराएं नहीं — मांगलिक दोष जीवन का अंत नहीं है


मांगलिक दोष से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: क्या मांगलिक दोष हमेशा नुकसानदायक होता है?

नहीं। कई कारणों से यह दोष निष्प्रभावी हो जाता है — जैसे मंगल की राशि, शुभ ग्रहों की दृष्टि, आयु आदि। हर मांगलिक की स्थिति अलग होती है।

प्रश्न 2: क्या मांगलिक और अमांगलिक की शादी हो सकती है?

हो सकती है, लेकिन तभी जब दोष का सही निवारण किया गया हो। कुंभ विवाह या अन्य उपाय करके यह संभव है।

प्रश्न 3: 28 साल के बाद मांगलिक दोष खत्म हो जाता है?

पूरी तरह खत्म नहीं होता, लेकिन ज्योतिष के अनुसार मंगल ग्रह 28 साल में परिपक्व (mature) हो जाता है, जिससे उसका नकारात्मक प्रभाव कम हो जाता है।

प्रश्न 4: क्या मांगलिक दोष से जीवनसाथी की मृत्यु होती है?

यह एक बड़ी भ्रांति है। सिर्फ मांगलिक दोष से जीवनसाथी की मृत्यु नहीं होती। कुंडली में और भी बहुत कुछ देखना होता है। इसे लेकर अनावश्यक डर न पालें।

प्रश्न 5: मांगलिक दोष निवारण में कितना समय लगता है?

नियमित उपाय करने पर आमतौर पर 3 से 6 महीने में असर दिखने लगता है। लेकिन निवारण एक सतत प्रक्रिया है।

प्रश्न 6: क्या मांगलिक दोष मूंगा पहनने से ठीक होता है?

मूंगा मंगल को शक्ति देता है और नकारात्मकता कम करता है, लेकिन यह कुंडली के अनुसार ही पहनना चाहिए। सभी मांगलिक लोगों के लिए मूंगा उपयुक्त नहीं होता।


निष्कर्ष

मांगलिक दोष एक वास्तविकता है — लेकिन यह जीवन की सजा नहीं। सही जानकारी, सही उपाय और सकारात्मक सोच से इस दोष का भली-भांति निवारण हो सकता है।

अगर आप या आपके परिवार में कोई मांगलिक दोष से परेशान है, तो घबराने की जरूरत नहीं। हमारे अनुभवी ज्योतिषी आपकी कुंडली देखकर सटीक निवारण बताएंगे।

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