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गुरु पूर्णिमा 2026 — पुखराज धारण करने का सर्वश्रेष्ठ दिन, जानें क्यों और कैसे

Gemshub Team 02 Jun 2026 0 views
गुरु पूर्णिमा 2026 — पुखराज धारण करने का सर्वश्रेष्ठ दिन, जानें क्यों और कैसे | Gemshub International

भारत में गुरु की परंपरा सदियों पुरानी है — "गुरु बिन ज्ञान न होय।" गुरु पूर्णिमा वह दिन है जब इस परंपरा को पूरे विश्व में मनाया जाता है।

लेकिन ज्योतिष शास्त्र में गुरु पूर्णिमा का एक और आयाम है — यह दिन बृहस्पति ग्रह (Jupiter) की शक्ति का चरम होता है। और बृहस्पति का रत्न है — पुखराज।

2026 में गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई, बुधवार को है।


गुरु पूर्णिमा का ज्योतिषीय महत्व

गुरु पूर्णिमा आषाढ़ मास की पूर्णिमा को आती है। इस दिन:

  • चंद्रमा पूर्ण होता है — भावनाएं और आध्यात्मिक संवेदनशीलता चरम पर होती है।
  • बृहस्पति का प्रभाव सबसे तीव्र होता है।
  • नए संकल्प, नई शुरुआत और रत्न धारण के लिए यह सबसे शुभ मुहूर्त है।
  • महर्षि व्यास का जन्मदिन — इसीलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं।

गुरु पूर्णिमा 2026 — तिथि और मुहूर्त

विवरण समय
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ 28 जुलाई 2026, रात 10:43 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त 29 जुलाई 2026, रात 8:55 बजे
गुरु पूर्णिमा पर्व 29 जुलाई 2026, बुधवार
पुखराज धारण का सर्वश्रेष्ठ समय 29 जुलाई, सूर्योदय से 11 बजे तक

पुखराज और बृहस्पति — क्या है संबंध?

ज्योतिष में नवग्रहों में से प्रत्येक का एक रत्न होता है। बृहस्पति ग्रह का रत्न है — पुखराज (Yellow Sapphire / Pukhraj)।

बृहस्पति जीवन में यह देते हैं:

  • ज्ञान और विद्या
  • विवाह और सुखी दाम्पत्य
  • संतान सुख
  • धन और समृद्धि
  • आध्यात्मिक उन्नति
  • न्याय और नैतिकता

जब बृहस्पति कुंडली में कमजोर हो — तो विवाह में देरी, संतान की समस्या, आर्थिक उतार-चढ़ाव होता है। पुखराज बृहस्पति को बल देता है।


किसे पहनना चाहिए पुखराज?

राशि / स्थिति पुखराज से लाभ उचित?
धनु राशि (Sagittarius) बृहस्पति स्वामी — सर्वश्रेष्ठ लाभ ✅ अवश्य पहनें
मीन राशि (Pisces) बृहस्पति स्वामी — उत्तम ✅ अवश्य पहनें
विवाह में देरी सप्तम भाव बृहस्पति को बल ✅ कुंडली देखकर
संतान की इच्छा पंचम भाव को बल ✅ कुंडली देखकर
मेष, कर्क, वृश्चिक लग्न बृहस्पति अनुकूल स्थिति ✅ ज्योतिषी से पूछकर
वृष, तुला लग्न बृहस्पति अष्टमेश/एकादशेश ⚠️ सावधानी से

महत्वपूर्ण: पुखराज एक शक्तिशाली रत्न है। बिना कुंडली देखे पहनना हमेशा सही नहीं होता। Gemshub पर Ashish Jain जी से परामर्श लेकर सही निर्णय करें।


असली पुखराज कैसे पहचानें?

बाजार में पुखराज के नाम पर बहुत नकली रत्न बिकते हैं — पीला टोपाज, सिट्रीन, और नकली काँच। असली पुखराज की पहचान:

  • रंग: हल्का पीला से गहरा पीला-नारंगी — "Cornflower Yellow"
  • पारदर्शिता: असली पुखराज में हल्की सी पारदर्शिता होती है
  • वजन: टोपाज से भारी होता है
  • खरोंच: हीरे के बाद सबसे कठोर — आसानी से खरोंच नहीं आती
  • प्रमाणपत्र: हमेशा IGI/GIA सर्टिफाइड रत्न खरीदें

गुरु पूर्णिमा पर पुखराज धारण विधि

  1. 29 जुलाई को सूर्योदय से पहले उठें। स्नान करें।
  2. पीले वस्त्र पहनें।
  3. पुखराज को कच्चे दूध, गंगाजल और शहद के मिश्रण में 10 मिनट रखें।
  4. पीले कपड़े पर रखकर बृहस्पति यंत्र के सामने रखें।
  5. यह मंत्र 108 बार जपें: "ॐ बृं बृहस्पतये नमः"
  6. सूर्योदय के बाद दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली में सोने की अंगूठी में धारण करें।
  7. गुरु, ईश्वर और अपने परिवार के बड़ों का आशीर्वाद लें।

गुरु पूर्णिमा पर क्या करें — क्या न करें

✅ करें ❌ न करें
गुरु का आशीर्वाद लें झूठ न बोलें
पुखराज / रत्न धारण करें माँस-मदिरा का सेवन न करें
पीली वस्तुओं का दान करें क्रोध और विवाद से बचें
व्यास पूजा करें बड़ों का अपमान न करें
ध्यान और भजन करें नकारात्मक विचारों से दूर रहें

निष्कर्ष

गुरु पूर्णिमा 2026 — 29 जुलाई — सिर्फ एक पर्व नहीं है। यह वह दिन है जब आकाश में बृहस्पति की ऊर्जा अपने चरम पर होती है। अगर आपने पुखराज धारण करने का मन बनाया है — या विवाह, संतान, या करियर में बृहस्पति की कृपा चाहते हैं — तो इससे बेहतर दिन पूरे साल में शायद ही आए।

सही रत्न, सही समय, सही विधि — यही है रत्न शास्त्र का सार।

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