दिवाली — रोशनी का त्योहार। माँ लक्ष्मी का आगमन। इस दिन की गई पूजा और इस दिन खरीदे गए रत्न पूरे साल फलदायी होते हैं — यह मान्यता सदियों पुरानी है।
ज्योतिष में दिवाली धनतेरस से शुरू होती है। धनतेरस पर सोना-चाँदी खरीदना और दिवाली की रात लक्ष्मी पूजा — दोनों को रत्न से जोड़ा जाता है।
दिवाली 2026 की तिथि
दिवाली 2026 — अक्टूबर 2026 में होगी। सटीक तिथि के लिए Panchang देखें।
| दिन | त्योहार | रत्न से क्या करें |
|---|---|---|
| धनतेरस | धन्वंतरि त्रयोदशी | रत्न खरीदें — बहुत शुभ |
| दिवाली | लक्ष्मी पूजा | रत्न अभिमंत्रित करें |
| गोवर्धन पूजा | अन्नकूट | नया रत्न पहनें |
लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त और रत्न
दिवाली की रात प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त होता है। इस समय अपने रत्न को लक्ष्मी जी के चरणों में रखें — फिर पूजा के बाद पहनें।
लक्ष्मी से जुड़े रत्न
| रत्न | लाभ |
|---|---|
| पुखराज (Yellow Sapphire) | धन, भाग्य, समृद्धि |
| White Sapphire / हीरा | लक्ष्मी की कृपा, वैभव |
| पन्ना (Emerald) | व्यापार में वृद्धि |
| स्फटिक श्री यंत्र | घर में लक्ष्मी का आगमन |
दिवाली के विशेष उपाय
- धनतेरस को रत्न, सोना या चाँदी जरूर खरीदें।
- दिवाली की रात स्फटिक श्री यंत्र स्थापित करें।
- लक्ष्मी पूजा में पुखराज को तिजोरी में रखें।
- मंत्र: "ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" — 108 बार।
- घर के उत्तर-पूर्व में दीपक जलाएं।
10 किलो = 1 रत्ती — हर मौसम का नियम
Ashish Jain जी से कुंडली देखाकर सही रत्न जानें। दिवाली पर खरीदा गया सही रत्न पूरे साल फलदायी रहता है।
निष्कर्ष
दिवाली — रत्न खरीदने और पहनने का सबसे शुभ समय। Gemshub पर All Certified Gemstones उपलब्ध हैं। धनतेरस से पहले order करें।