बुध कब कमजोर होता है?
- मीन राशि में: बुध यहाँ नीच का होता है।
- चंद्र के साथ: मन-बुद्धि का टकराव।
- राहु-केतु से पीड़ित: सोचने-समझने में गड़बड़।
- षष्ठ, अष्टम में: स्वास्थ्य और व्यापार दोनों प्रभावित।
कमजोर बुध के संकेत
1. बोलने में समस्या
हकलाना, शब्द न मिलना, presentation में घबराहट।
2. गणित में कमजोरी
Calculation में गलती, numbers याद नहीं रहते।
3. व्यापार में नुकसान
Partnership में धोखा, व्यापारिक निर्णय गलत।
4. याददाश्त कमजोर
भूलने की बीमारी, पढ़ा हुआ याद नहीं रहता।
5. लिखावट खराब
हाथ की लिखावट अस्पष्ट, हाथ कांपना।
6. झूठ बोलने की आदत
बेईमानी, धोखाधड़ी — बुध नकारात्मक होने पर।
7. फेफड़े और नसों की बीमारी
श्वास की समस्या, नसों में कमजोरी।
8. Technology में कमजोरी
Computer, Digital literacy में पिछड़ना।
बुध की स्थिति — कुंडली में
| स्थिति | प्रभाव |
|---|---|
| मीन राशि में | नीच — सबसे कमजोर |
| चंद्र के साथ | मन-बुद्धि असंतुलन |
| राहु के साथ | झूठ, धोखा की प्रवृत्ति |
| शुक्र के साथ | वाणी में मिठास लेकिन निर्णय कमजोर |
💚 बुध को बल दें — पन्ना रत्न
पन्ना (Emerald) बुध का रत्न है — बुद्धि, वाणी और व्यापार के लिए।
पन्ना देखें →अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बोलने में समस्या, व्यापार में बार-बार नुकसान और याददाश्त कमजोर होना।
Mercury Retrograde एक transit है — यह सभी पर असर करता है। लेकिन जिनका बुध पहले से कमजोर हो उन पर ज्यादा असर होता है।
पढ़ाई में कमजोरी, गणित में दिक्कत, हकलाना — ये बच्चों में कमजोर बुध के संकेत हैं।
पन्ना (Emerald) धारण और बुधवार व्रत — सबसे प्रभावशाली उपाय।