रत्न खरीदना एक बड़ा निर्णय है — आर्थिक और ज्योतिषीय दोनों रूप से। लेकिन भारत के बाजार में हर कोने पर "असली" रत्न मिलते हैं — जिनमें से अधिकांश नकली होते हैं।
रत्न के प्रकार जो बाजार में मिलते हैं
| प्रकार | क्या है | ज्योतिषीय असर |
|---|---|---|
| Natural Untreated | खान से निकला, कोई treatment नहीं | ✅ सर्वश्रेष्ठ |
| Natural Heated | असली लेकिन रंग बढ़ाने के लिए गरम किया | ⚠️ कम असरदार |
| Lab Grown | प्रयोगशाला में बना — chemical same | ❌ ज्योतिषीय असर नहीं |
| Synthetic/Glass | बिल्कुल नकली — काँच या plastic | ❌ कोई असर नहीं |
| Bangkok/Thai | बहुत अधिक treated, कम quality | ❌ नहीं पहनना चाहिए |
10 तरीके असली रत्न पहचानने के
- Lab Certificate देखें — IGI, GII, GGL से certified रत्न खरीदें। Certificate में "Natural Unheated" लिखा हो।
- कीमत check करें — असली माणिक ₹500 में नहीं मिलता। बहुत सस्ता = नकली।
- ठंडेपन का टेस्ट — असली रत्न हाथ में लेने पर ठंडा लगता है, नकली काँच जल्दी गर्म हो जाता है।
- रोशनी में देखें — असली रत्न में natural inclusions होते हैं। एकदम perfect रत्न synthetic हो सकता है।
- UV light test — कुछ रत्न UV light में fluorescence दिखाते हैं जो नकली नहीं दिखाते।
- पानी में डालें — रुद्राक्ष के लिए यह test काम करता है। नकली रुद्राक्ष तैरता है।
- Loupe से देखें — 10x magnification से देखने पर असली पत्थर में natural inclusions दिखते हैं।
- Refractometer — jeweler के पास यह tool होता है। हर रत्न का refractive index अलग होता है।
- Specific gravity test — असली रत्न का घनत्व तय होता है।
- भरोसेमंद दुकान — हमेशा established gemstone dealer से खरीदें जो return policy देता हो।
Bangkok रत्न से क्यों बचें?
बाजार में "Bangkok Manik", "Bangkok Neelam" खूब मिलते हैं। ये heavily treated रत्न हैं — इनमें glass filling, fracture filling और artificial coatings होती हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से इनका कोई मूल्य नहीं।
Gemshub पर सभी रत्न Lab Certified और Natural हैं।
निष्कर्ष
रत्न एक investment है। सही जानकारी से आप धोखे से बच सकते हैं। हमेशा Lab Certificate माँगें और भरोसेमंद seller से खरीदें।