पितृ दोष के 5 मुख्य प्रकार होते हैं। हर प्रकार का अलग प्रभाव और अलग रत्न उपाय है। जानें कौन सा पितृ दोष आपकी कुंडली में ...
काल सर्प दोष के 12 प्रकार होते हैं — अनंत, कुलिक, वासुकी आदि। जानें हर प्रकार का प्रभाव और कौन सा रत्न उपयुक्त है।
दरिद्र योग में धन नहीं टिकता और financial problems बनी रहती हैं। जानें कौन से रत्न financial situation सुधारते हैं।
नाड़ी दोष विवाह में सबसे गंभीर दोष माना जाता है। जानें नाड़ी दोष क्या है, इसके प्रकार और रत्न से निवारण के उपाय।
शनि की ढैय्या 2.5 साल और साढ़ेसाती 7.5 साल होती है। दोनों में अलग उपाय और रत्न हैं। जानें complete comparison।
ग्रहण योग कुंडली में सूर्य या चंद्र के राहु-केतु से पीड़ित होने पर बनता है। जानें माणिक और मोती से इसका उपाय।
विष योग शनि और चंद्रमा के conjunction से बनता है। यह depression और emotional hardship का कारण है। जानें मोती और नीलम से ...
केमद्रुम योग में चंद्रमा के दोनों ओर कोई ग्रह नहीं होता। यह mental health और financial stability को affect करता है। जाने...
श्रापित दोष कुंडली में शनि और राहु के योग से बनता है। यह past-life karma का दोष है। जानें नीलम और गोमेद से इसका उपाय।