मंगल कब कमजोर होता है?
- कर्क राशि में: मंगल यहाँ नीच का होता है।
- शुक्र-बुध के साथ: ये मंगल के शत्रु हैं।
- षष्ठ, अष्टम, द्वादश में: मंगल की शक्ति घटती है।
- चंद्र की दृष्टि: मंगल-चंद्र की युति अशुभ।
कमजोर मंगल के प्रमुख संकेत
1. डर और कायरता
साहस की कमी, खतरे से भागना, निर्णय लेने में डर।
2. रक्त संबंधी रोग
खून की कमी (Anemia), BP low, रक्त विकार।
3. भाई से विवाद
भाई का स्वास्थ्य खराब, भाइयों से झगड़ा, भाई का नुकसान।
4. भूमि-संपत्ति विवाद
जमीन पर कब्जा न हो, property dispute में हार।
5. शारीरिक कमजोरी
Energy कम रहती है, थकान, व्यायाम में रुचि नहीं।
6. अनावश्यक क्रोध
बिना कारण गुस्सा, चिड़चिड़ापन — कभी-कभी उल्टा।
7. दाँत और हड्डी रोग
दाँतों की समस्या, fracture होना, bone density कम।
8. मंगली दोष
विवाह में देरी, पति/पत्नी को कष्ट, वैवाहिक क्लेश।
मंगल दोष — विशेष जानकारी
⚠️ मंगली दोष (Manglik): जब मंगल कुंडली के 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में हो तो "मांगलिक" कहलाता है। यह विवाह में देरी या पति/पत्नी को कष्ट देता है। लाल मूंगा और मंगल उपाय इससे राहत देते हैं।
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मूंगा देखें →अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
साहस की कमी, रक्त रोग, भाई से विवाद और मंगली दोष — कमजोर मंगल के प्रमुख परिणाम।
मंगली दोष विशेष भावों में मंगल की स्थिति से होता है। कमजोर मंगल राशि, दृष्टि और युति से होता है — दोनों अलग हैं।
हाँ, लड़कियों में भी मंगल कमजोर होता है और उनके भाइयों, स्वास्थ्य और साहस पर असर करता है।
लाल मूंगा धारण और मंगलवार व्रत — दोनों मिलकर मंगल को शीघ्र बल देते हैं।