Neelam ke fayde in hindi – नीलम के चमत्कारी फायदे और जानिए नीलम रत्न किसे  धारण करना चाहिए ?

नमस्कार मित्रों, इस लेख में आपका स्वागत है आज हम जानने वाले हैं कि नीलम धारण कैसे करें और नीलम किसे धारण करना चाहिए ।

सभी ग्रहों के अपने रत्न होते हैं जो उस ग्रह के नकारात्मक प्रभावों से बचाने में सहायक होते हैं, शनि ग्रह का रत्न नीलम है जो शनि के दुष्प्रभावों से बचाता है जिसे अंग्रेजी में  “ब्लू स्फायर” (BLUE SAPPHIRE) के नाम से भी जाना जाता है।

शनि के लिए ज्योतिषों के द्वारा नीलम रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है, लेकिन नीलम धारण करने से पूर्व यह जान लेना चाहिए की नीलम किसे धारण करना चाहिए क्योंकि बिना ज्ञान के नीलम धारण करने से इसके अशुभ प्रभाव देखने को मिल सकते है। नीलम धारण करने से पूर्व कुंडली में यह योग आवश्यक है –

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नीलम किसे धारण करना चाहिए

1. वृष, तुला, वृश्चिक और मेष राशि वाले लोगों को नीलम जरूर धारण करना चाहिए इसे धारण करने से उनके भाग्य खुलेंगे और जीवन में सकारात्मकता आयेगी।


2. जिनकी कुंडली में शनि प्रधान हो और मुख्य स्थान पर विराजमान हो तो ऐसे लोगों को नीलम धारण करना उत्तम माना गया है।

3. चौथे, पांचवे, दसवें और ग्‍यारवें भाव में शनि उपस्थित हो तो नीलम धारण करना चाहिए।

4. शनि मेष राशि में स्थित हो तो नीलम धारण करना चाहिए।

5. कुंडली में शनि नीच का हो, वक्री, अस्तगत या दुर्बल हो तो ऐसी स्तिथि में भी नीलम धारण करने से अधिक लाभ प्राप्त होता है।

6. हिंसक कार्य करने वाले व्यक्तियों को नीलम अवश्य धारण करना चाहिए।

7. जिन लोगों के जीवन में शनि की दशा या ढैया चल रही है उन्हे इसे धारण करना अतिआवश्यक है इसे धारण करने से उन्हें अत्यंत लाभ प्राप्त होगा।

8. शनि अष्टमेश या षष्‍ठेश के साथ हो तो इसे धारण करना अच्छा होता है इसके अलावा शनि छट्ठे या आंठवे में भाव में हो तो भी इसे धारण कर सकते है।

9. मकर और कुंभ राशि के व्यक्ति भी नीलम धारण कर सकते है।

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नीलम किसे नहीं पहनना चाहिए 
 
1. लाल किताब की माने तो शनि लग्न के पंचम या ग्यारहवें स्थान पर हो तो नीलम नहीं धारण करना चाहिए ।

2. शनि अच्छे भावों का स्वामी हो और निर्बल स्थिति में हो तो ऐसे समय किसी जानकार ज्योतिष की सलाह अनुसार नीलम धारण करना चाहिए।

3. शनि का मंगल, सूर्य और चंद्र से दृष्टि संबंध होने पर नीलम को धारण नहीं करना चाहिए।

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नीलम धारण करने के अत्यंत शक्तिशाली फायदे 

नीलम से व्यापार वृद्धि होती है और भाग्य में वृद्धि होती है, धन आने के अनेकों मार्ग उत्पन्न होंगे, कार्यक्षेत्र में उन्नति होगी जिससे मान प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी, धैर्य बढ़ेगा, बौद्धिकता, तार्किकता एंव संस्कारों में वृद्धि होती है, स्त्री या पुरुष जो डिप्रेशन में हैं उन्हें नीलम रत्न अवश्य धारण करना चाहिए।

क्योंकि इसे धारण करने से वह तनाव से मुक्त हो जाएंगे और सकारात्मक जीवन प्राप्त करेंगे, मित्रों अगर आप दांत रोग, लकवा, हड्डियों में दर्द और दमा रोग जैसी बीमारी से परेशान हैं तो आपको इसे अवश्य धारण करना चाहिए यह इन बीमारियों को दूर  करने में सक्षम है |

अगर आपको कमर दर्द, सिर दर्द व कैंसर आदि जैसे रोग हैं तो इसे धारण करने से लाभ प्राप्त होगा, अगर आपको रात को भय लगता है घबराहट बनी रहती है तो ऐसी परिस्थिति में नीलम को अवश्य धारण करना चाहिए इससे भय दूर होता है। 


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शनि रत्न नीलम को अभिमंत्रित या सिद्ध कैसे करे ?

नीलम को आप 5 रत्ती से कितना ही ऊपर डाल सकते है  अगर बहुत ही उच्च गुणवत्ता वाला नीलम ले रहे
 है तो आप 5 रत्ती से कम भी डाल सकते है | नीलम रत्न को एक कटोरी में रख ले और उसमे दूध, देसी घी, शहद, मिश्री, और गंगाजल ले ले। इनकी मात्रा इतनी हो की नीलम की अंगूठी या पेंडंट उसमे डूब जाये।  फिर अपने इष्ट देव की पूजा करके शनि देव के इस मंत्र "ओम् प्रां प्रीं प्रौं सः शनिश्चराय नमः" का 3100 बार  जाप करे और फिर नीलम रत्न को कटोरी में से निकल कर धुप या अगरबत्ती दिखा कर गंगाजल से धो कर पहन ले । और उस कटोरी वाले मिश्रण को तुसली के पौधे में डाल दे।  नीलम धारण करने के लिए शुभ नक्षत्र पुष्य, उत्तराभाद्रपद, चित्र, स्वाति, धनिष्ठा और शतभिषा है।  


नीलम स्टोन  के उपरत्न (Neelam Stone ke Upratan)

अगर आप नीलम स्टोन नहीं डालना चाहते तो आप नीलम का उपरत्न काकानीली, नीला जरकन, लाजवंती स्टोन, ब्लू टोपेज़ और नेचुरल ब्लू जरकन डाल सकते है