शास्‍त्र में 84 रत्‍नों का उल्‍लेख किया गया है और इनमें से चमत्‍कारिक रत्‍न सुलेमानी हकीक भी एक है। प्रकृति द्वारा प्रदत्त अनुपम भेंट है ये रत्‍न। शनि, राहु और केतु के दोष को एकसाथ दूर करने वाला यह एकमात्र रत्‍न है।

सुलेमानी हकीक के लाभ

1. सुलेमानी हकीक काले जादू और बुरी नज़र से आपकी रक्षा करता है।
2. अगर आपको करियर या व्‍यापार में किसी भी तरह की परेशानी आ रही है तो आपको सुलेमानी हकीक जरूर धारण करना चाहिए।
3. इस रत्‍न को धारण करने के बाद आपके अन्दर आकर्षण पैदा होने लगता है और लोग आपको महत्‍व देते हैं।
4. अगर आपके व्‍यापार में बाधाएं उत्‍पन्‍न करने के लिए किसी ने जादू टोने का प्रयोग किया है तो उसे काटने के लिए आपको सुलेमानी हकीक धारण करना चाहिए। इस रत्‍न के प्रभाव से व्‍यापार में वृद्धि भी होती है।
5. घर में बरकत और समृद्धि के लिए भी आप इस रत्‍न को धारण कर सकते हैं।
शत्रुओं से छुटकारा पाने और जादू-टोने से बचाव के लिए भी सुलेमानी हकीक को पहना जाता है।
6. इसके अलावा अगर आपको कोई लंबी बीमारी है या आपकी सेहत ज्‍यादातर खराब ही रहती है तो भी आपको सुलेमानी हकीक से फायदा होगा।



शनिवार के दिन चांदी की अंगूठी में जड़वाकर सुलेमानी हकीक को मध्‍यमा (Middle Finger) अंगुली में धारण करें। इसे आप चांदी के लॉकेट में जड़वाकर गले में भी पहन सकते हैं। इस रत्‍न की सबसे खास बात यह है कि इसे कोई भी धारण कर सकता है।


सुलेमानी हकीक (Sulemani hakik) को कैसे धारण करना है।

शनिवार के दिन चांदी की अंगूठी में जड़वाकर सुलेमानी हकीक को मध्‍यमा अंगुली में धारण करें।

सुलेमानी हकीक को सिद्ध करने की विधि।

एक कटोरी में गंगाजल, शहद, कच्चा दूध, दही और देसी घी ले ले। उस कटोरी में रत्न को डाल कर छोड़ दे और 1100 बार शनि मंत्र का जाप करे। मंत्र ” ऊँ शं शनैश्चाराय नमः”। ध्यान रहे मंत्र का उच्चारण सही तरीके से करे। जाप के बाद रत्न को गंगाजल से धो कर हाथ में धारण कर लीजिये। और कटोरी वाले गंगाजल को तुलसी के गमले में डाल दीजिये।


इस रत्‍न को कोई भी धारण कर सकता है क्‍योंकि इसका कोई दुष्‍प्रभाव नहीं है।